Ehsaas Hindi Kavita by Amar Deep Singh

एहसास: कविता

आज सुबह सेअज़ीब सा एहसास है ऐसा लग रहा है कि मैं गंगा में तैर रहा हूँ हरिद्वार वाली गंगा नहीं,इलाहाबाद वाली जो शांत है बस बहे चली जा रही है और मैं तट की हलचल से कोसो दूर उल्टा लेटन जाने कब से आसमान को निहार रहा हूँ एकटक   अकेले एक लाश की तरह –  एकदम मौन, एकदम स्थिर ।।   Click here to read all my poems […]

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Kathputli Hindi Poem

कठपुतली: कविता

लम्हों को कठपुतली बना लिया,उंगलियों पे अपने उन्हें नचा लिया,धागों में बांध ली ज़िन्दगी कि तुम अपने कलाकार बन गए। यह मंच भी तुम्हाराऔर कहानी भी लिखी तुमनेकिरदार भी तुमने चुनेकि तुम अपने कथाकार बन गए। उंगलियों के चलने से बनी कहानीकि कहानी के बनने से चली उंगलियांधागों के इस जोड़ में कठपुतलियां थिरक रहीकि […]

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Paro Taktsang: Hike to the Tiger's Nest Monastery Bhutan, Bhutan Tourism, Places to visit in Bhutan, Trekking in Bhutan, best trek in Bhutan, Bhutan Tourism

भारत से भूटान कैसे जायें ? ऐसे मिलेगा भूटान परमिट

अगर आप भूटान (Bhutan) घूमने जाने की सोच रहे हैं, तो इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि भूटान जाने का परमिट कैसे पाएं । भारत, बांग्लादेश एवम् मालदीव्स के नागरिकों को भूटान जानें के लिए किसी वीज़ा की ज़रूरत नहीं है, वो केवल भूटान परमिट ले कर भूटान में दाख़िल हो सकते है और […]

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कोई गिला नहीं तुझसे: कविता Tinder Poem/Break-up Poem

कोई गिला नहीं तुझसे: कविता

कोई गिला नहीं तुझसेबस जहन से अपने अबतुझे खारिज़ कर दिया | वक़्त के राहगीर थे,कुछ बातों के बाशिंदे थे,तुमने गुफ्तगू कीअपनी तसल्ली की दरकार तक,फिर मूडी तुमऔर निकल पड़ी अपनी राह पर, कुछ रोज़ पहले तकबहाने ढूँढा करती थीलम्हे साथ बिताने कोऔर उस दफ़ातू चल पड़ीवजह एक न थीमुड़कर निगाहें मिलाने को | तड़फ़ तेरी रही कुछ रोज़नहीं, कुछ अरसे […]

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